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Sunday, 19 February 2017

क्षमताओं की उड़ान


एक बार की बात है, एक राजा को किसी ने उपहार में दो बहुत अच्छी नस्ल के बाज दिए । राजा को दोनों बहुत पसंद आये और राजा ने एक सेवक उनकी सेवा के लिए नियुक्त भी कर दिया । कुछ महीनो के बाद राजा उन बाजों को देखने उस जगह पहुँच गया जहाँ उन्हें पाला जा रहा था । राजा ने देखा की दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे । राजा ने सेवक से कहा, "में इन्हें उड़ते देखना चाहता हूं |" सेवक से इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे लेकिन एक बाज तो बहुत ऊंचा उड़ता रहा, दूसरा कुछ ऊपर जाकर वापिस आकर उसी डाल पर बैठ गया जहां से उड़ा था । राजा ने प्रश्न किया, "ये क्या है ? एक उड़ता जा रहा है, जबकि यह उड़ना ही नहीं चाह रहा |" सेवक बोला, "इसके साथ यही समस्या है, यह डाल छोड़ना ही नहीं चाहता ।" यह सुन राजा ने घोषणा करवा दी, जो इस बाज को उड़ना सिखाएगा, उसे मुह माँगा ईनाम मिलेगा । बड़े बड़े विद्वानों ने कोशिश कर ली लेकिन बाज थोड़ा सा उड़कर वापिस डाल पर ही आ जाता था । एक दिन एक किसान आया । उसने राजा से बाज को उड़ना सीखने की अनुमति मांगी । राजा ने अपनी स्वीकृति भी दे दी । अगले ही दिन से बाज उड़ने लगा । राजा को बड़ा आश्चर्ये हुआ । राजा ने पूछा, "तुमने ये कैसे किया ?" किसान बोला, "में तो साधारण पुरुष हूं । मेने वो डाल ही काट डाली, जिस पर बैठने का यह आदि हो गया था ।"
किसान से खुश होकर राजा ने उसे मुँह माँगा इनाम दिया ।

जीवन मंत्र - अपनी क्षमतायों को विस्तार देने से मनुष्य किसी भी बुलंदियों को हासिल कर सकता है । 

Monday, 6 February 2017

वजन की ब्रेड


एक बार की बात है, केक-ब्रेड बनाने वाले बेकर ने एक किसान से एक किलो मक्ख़न ख़रीदा । घर जाकर उसने सोचा कि क्यों न इसे तोल कर देख लूं ? उसने जब मक्खन तोला तो वो एक किलो से थोड़ा कम निकला । बेकर के गुस्से का अब ठिकाना न रहा । उसने मक्खन को संभाल कर रखा और अदालत में पहुँच गया । किसान को भी बुलाया गया अदालत में सुनवाई के लिए । जज ने किसान से पूछा कि क्या तुम वजन मापने के लिए किसी चीज़ का इस्तमाल करते हो? किसान ने कहा, 'नहीं, साहब| हमें बाटों से वजन करना आता नहीं है । हम तो एक चीज़ के बजन के आधार पर दूसरी चीज़ का वजन तय करते है ।' जज ने पूछा, 'क्या मतलब है तुम्हारा?' किसान बोला, 'जज साहब, बहुत पहले से यह बेकर मेरे से मक्खन खरीदने आता रहा है । यह मुझसे मक्खन ले जाता है और एक पैमाने पर वजन नापकर उतने ही वजन की ब्रेड मुझे दे जाता है । अगर मेरे द्वारा दिया जाने वाला मक्खन एक किलो से कम है तो इसके ये में या मेरा मापक नहीं बल्कि खुद यह बेकर ही जिम्मेदार है । क्योकि इसने मुझे पहले ब्रेड का वजन कम करके दिया, जिसके परिणामस्वरूप मक्खन का वजन भी कम हो गया ।'

जीवन मंत्र - जो जैसा कर्म करता है, उसे वैसा है फल मिलता है |